3-Cylinder Vs 4-Cylinder Engine: आम आदमी की भाषा में समझें
अगर आप कार खरीदने की सोच रहे हैं तो यह जानना जरूरी है कि 3-Cylinder और 4-Cylinder Engine में क्या फर्क होता है। ये तकनीकी शब्द सुनने में भले ही जटिल लगें, लेकिन मैं आपको बिल्कुल सरल भाषा में समझाता हूँ कि आपके लिए कौन सा इंजन बेहतर रहेगा।

सिलेंडर क्या होता है?
3-Cylinder Vs 4-Cylinder Engine: सिलेंडर Engine का वह हिस्सा होता है जहाँ पेट्रोल/डीजल जलता है और कार को चलने की ताकत मिलती है। जितने ज्यादा सिलेंडर होंगे, उतनी ही ज्यादा पावर मिलेगी, लेकिन साथ ही ईंधन की खपत भी बढ़ेगी।
3-Cylinderर Engine (छोटे भाई की तरह)
कम पावर, लेकिन कम पेट्रोल खर्च
हल्का Engine, जिससे कार भी हल्की रहती है
शहर के लिए बिल्कुल परफेक्ट – ट्रैफिक में अच्छा माइलेज देता है
कीमत कम – जेब पर ज्यादा भार नहीं डालता
परेशानी क्या है?
जब तेज चलाओगे तो थोड़ा कंपन महसूस होगा और आवाज ज्यादा आएगी। पहाड़ी इलाकों में चढ़ाई चढ़ते समय थोड़ा हफ्ता सा लगेगा।
4-Cylinder Engine (बड़े भाई की तरह)
ज्यादा पावर – तेज रफ्तार के शौकीनों के लिए बेस्ट
स्मूथ ड्राइविंग – कंपन कम, आवाज कम
लंबी यात्राओं के लिए आरामदायक
भारी कारों/SUV के लिए बिल्कुल सही
परेशानी क्या है?
पेट्रोल ज्यादा पीता है और कीमत भी ज्यादा होती है। शहर के ट्रैफिक में इसका माइलेज 3-Cylinder से कम आएगा।

किसे क्या लेना चाहिए?
3-Cylinder लें अगर:
ज्यादातर शहर में चलाना है और बजट कम है, पेट्रोल का खर्च कम रखना चाहते हैं साथ ही आपको रेसिंग जैसी चीजों में दिलचस्पी नहीं है तब आप इसे ले सकते है।
✔ 4-Cylinder लें अगर:
अगर आपको हाई पावर के साथ पावरफुल ड्राइविंग चाहिए। SUV या बड़ी कार ले रहे हैं, कंफर्ट और स्मूथनेस ज्यादा जरूरी है, तो आप इसे ले सकते है।
अंतिम सलाह
अगर आपका ज्यादातर सफर ऑफिस-घर तक ही है और माइलेज आपकी पहली प्राथमिकता है, तो 3-Cylinder कार बिल्कुल सही रहेगी। वहीं अगर आप वीकेंड पर हाईवे ट्रिप के शौकीन हैं या पावरफुल कार चाहते हैं, तो 4-Cylinder वाली कार ही लें।
याद रखें: कोई भी Engine “बुरा” नहीं होता, बस आपकी जरूरतों के हिसाब से सही चुनाव करना जरूरी है।